Skip to main content

Carrito de compra

¡Obtienes el tratamiento VIP!

Artículos no disponibles para compra.
Por favor revisa tu carrito. Puedes eliminar los artículos no disponibles ahora o los eliminaremos nosotros automáticamente al momento de pagar.
artículosartículo
artículosartículo

Recomendado para ti

Loading...
  • Global Climate Stress on Crop Improvement and Management

    This book addresses climate stress in agriculture through systematic examination of crop production patterns, breeding strategies, and sustainable management practices. It covers precision agriculture, data analytics, water management, agroforestry, and integrated pest management, and also includes:Comprehensive analysis of global climate stress impacts on agricultural systems and crop ... Leer más

    $285.99 USD

  • Epic in India

    Through Indian life and culture, the epics of the subcontinent flow like the subterranean River Saraswati. Like Yuddhishthira, who is faced with the puzzling questions posed to him by the enigmatic Yaksha in the Mahabharata, the Indian Everyman, conscious of dharma and niti, is expected to find answers to ethical and existential dilemmas. While the Ramayana, the Mahabharata and Silappadikaram are ... Leer más

    $40.00 USD

  • Bholaram Ka Jeev

    परसाई के पास एक ऐसी नैतिक दृष्टि है जो गहरे पर्यवेक्षण, अनुभव, अध्ययन और वैचारिकता से बनी है। यह उन्हें साहसी तथा आत्मविश्वासी बनाती है, जो काइयाँ से काँइयाँपन में होड़ लेनेवाली भी है। हम उनके लेखन में बार-बार पाएँगे कि वे कुतर्कियों को यूँ ही बख्श नहीं देते, उनसे प्रतिस्पर्धा करते हैं और खदेड़ते हुए दूर तक उनके पीछे जाते हैं।परसाई श्रेष्ठ व्यंग्यकार इसलिए हैं कि वे केवल व्यंग्यकार ही नहीं हैं। हर ... Leer más

    $2.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Audiolibro

    Nithale Ki diary

    Narrado por Nandkishore Panday ...
    Series series

    Completo

    5 hora 24 minutos

    निट्ठले की डायरी यह हरिशंकर परसाई की एक व्यंगात्मक रचना हैं. जहाँ उन्होंने आनंद को भी व्यंग का साध्य न बननेकी कोशोश की हैं. स्थितियोंकि भीतर छिपी विसंगतियोंको प्रकट करने में कई बार अतिरंजना का आश्रय लिया हैं. लेकिन हमें दिल खोलकर हसने की बजाय थोड़ा गम्भीर होकर सोचने की अपेक्षा लेखकने की हैं ... Leer más

    Antes $8.99 USD Ahora $7.99 USD

  • Audiolibro

    Tulsidas Chandan Ghise

    Narrado por Babla Kochhar ...

    Completo

    6 hora 31 minutos

    हरिशंकर परसाई हिंदी के सबसे बड़े व्यंग्य लेखक माने जाते हैं. उन्होंने धर्म, संस्कृति, राजनीति, कला के विभिन्न विरोधाभासों को मारक, उजले व्यंग्य और गहरी करुणा से अपने लेखन में उजागर किया. यह किताब उनके प्रसिद्ध लेखों का ऐसा संकलन है जो हमारा परिचय परसाई के श्रेष्ठ से कराता है. ... Leer más

    $8.99 USD

  • Tab Ki Baat Aur Thi

    यह परसाई की शुरुआती रचनाओं का संकलन है। कह सकते हैं कि इस दौर की अपने लेखन में वे भाषा के स्तर पर अपनी राह बना रहे थे, और अपने व्यंग्य की धार को भी परख रहे थे। लेकिन यह देखकर आश्चर्य होता है कि समाज और राजनीति को लेकर उनकी समझ तब भी उतनी ही साफ़ थी।इस संग्रह में शामिल ‘भेड़ें और भेड़िये’, ‘गो-भक्ति’, ‘देव-भक्ति’ और ‘रासलीला’ जैसी कहानियाँ हैं जो धर्म के स्वार्थ-आधारित दुरुपयोग के ख़तरों के प्रति ... Leer más

    $2.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Hum Ek Umra Se Wakif Hain

    परसाई जैसा बड़ा रचनाकार जब ‘हम इक उम्र से वाक़िफ़ हैं’ होने की बात करता है तो उसका मतलब सिर्फ़ उतना ही नहीं होता, क्योंकि उसकी ‘उम्र’ एक युग का पर्याय बन चुकी होती है। इसलिए यह कृति परसाई जी के जीवनालेख के साथ-साथ एक लम्बे रचनात्मक दौर का भी अंकन है। परसाई जी ने इस पुस्तक में अपने जीवन की उन विभिन्न स्थितियों और घटनाओं का वर्णन किया है, जिनमें न केवल उनके रचनाकार व्यक्तित्व का निर्माण हुआ, बल्कि ... Leer más

    $2.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Ek Ladki, Paanch Deevane

    एक लड़की है जिसे उसके दीवानों ने और मुहल्ले-भर की भूखी नज़रों ने जवान और चतुर बना दिया; फिर एक चूहा है जो रोज़ रात में गृह-निवासी के सिरहाने तब तक सत्याग्रह करता रहा जब तक कि उसे नियमित खाना नहीं दिया जाने लगा; अकाल का उत्सव है जिसके लिए जमाखोर, मुनाफ़ाखोर और नौकरशाही सालभर अनुष्ठान कराते हैं कि कब अकाल पड़े, कब दिन फिरें...और फिर नाक है, एक नहीं कई-कई तरह की। कुछ कट जाती हैं, फिर बढ़ जाती हैं, कुछ ... Leer más

    $2.07 USD o gratis con Kobo Plus

  • Vikalang Shraddha Ka Daur

    हरिशंकर परसाई ने अपनी एक पुस्तक के लेखकीय वक्तव्य में कहा था‘व्यंग्य’ अब ‘शूद्र’ से ‘क्षत्रिय’ मान लिया गया है। विचारणीय है कि वह शूद्र से क्षत्रिय हुआ है, ब्राह्मण नहीं, क्योंकि ब्राह्मण ‘कीर्तन’ करता है।निस्सन्देह व्यंग्य कीर्तन करना नहीं जानता, पर कीर्तन को और कीर्तन करनेवालों को खूब पहचानता है। कैसे-कैसे अवसर, कैसे-कैसे वाद्य और कैसी-कैसी तानेंजरा-सा ध्यान देंगे तो अचीन्हा नहीं रहेगा विकलांग श ... Leer más

    $2.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Yaadon Ki Roshni Mein

    ‘यादों की रोशनी में’ परसाई के भाषणों, संस्मरणों, रेखाचित्रों और निबन्धों का संकलन है। वर्ष 1989 में पहली बार प्रकाशित इस पुस्तक में लेखक की जीवन-दृष्टि और सामाजिक सरोकारों का परिचय तो मिलता ही है, उस समय के बारे में भी हमें कई सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।पुस्तक के तीन खंड हैं जिनमें भिन्न-भिन्न प्रकृति की रचनाओं को विभाजित किया गया है। पहले हिस्से में ‘मतवाला और उसकी भूमिका’ जैसा आलेख जहाँ बीसवीं सदी ... Leer más

    $2.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Awara Bheed Ke Khatare

    ‘आवार भीड़ के खतरे’ पुस्तक हिन्दी के अन्यतम व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के निधन के बाद उनके असंकलित और कुछेक अप्रकाशित व्यंग्य-निबन्धों का एकमात्र संकलन है। अपनी कलम से जीवन ही जीवन छलकानेवाले इस लेखक की मृत्यु खुद में एक महत्त्वहीन-सी घटना बन गई लगती है। शायद ही हिन्दी साहित्य की किसी अन्य हस्ती ने साहित्य और समाज में जड़ जमाने की कोशिश करती मरणोन्मुखता पर इतनी सतत, इतनी करारी चोट की हो !इस संग्रह क ... Leer más

    $2.07 USD o gratis con Kobo Plus

  • Sabase Bada Sawal

    हरिशंकर परसाई की कई कहानियों का मंचन विभिन्न रंग-मंडलियाँ और निर्देशक करते रहे हैं। नाटकीयता उनकी कहानियों के प्रमुख तत्त्वों में से एक है जिसके चलते वे आसानी से बेहतरीन नाट्य-प्रस्तुतियों में ढल जाती हैं।लेकिन ‘सबसे बड़ा सवाल’ नाटक ही है, और सम्भवत: परसाई जी की एकमात्र नाट्य-रचना। दृश्य-योजना, पात्रों की संकल्पना, परिस्थितियों के ‘कंस्ट्रास्ट’ और दृश्यों के कम्पोजीशन में यह नाटक श्रेष्ठ नाटकों की ... Leer más

    $2.07 USD o gratis con Kobo Plus